ज्योतिर्मठ/गोपेश्वर। उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को ज्योतिर्मठ में प्रवेश करते ही बदहाल सड़क का सामना करना पड़ रहा है। नगर के पेट्रोल पंप से मारवाड़ी तक करीब 10 किलोमीटर के दायरे में बदरीनाथ हाईवे की स्थिति खराब बनी हुई है। कई स्थानों पर भूधंसाव, सड़क पर बने गड्ढे और मार्ग संकरा होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
हाईवे पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान कई जगह सड़क की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। सड़क किनारे पड़े बड़े बोल्डर और संकरे हिस्सों के कारण वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में यात्रियों को इस मार्ग से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
गड्ढों में भरान के बाद फिर बिगड़ी सड़क की स्थिति
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के प्रवक्ता कमल रतूड़ी के अनुसार, नगर में प्रवेश करते ही हाईवे की खराब स्थिति दिखाई देने लगती है। द्रोणागिरी होटल के पास कुछ दिन पहले बीआरओ की ओर से सड़क के गड्ढों में मिट्टी भरकर उन्हें ठीक करने का प्रयास किया गया था। हालांकि, नाली निर्माण नहीं होने के कारण यहां दोबारा गड्ढे बन गए हैं। इससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।
वहीं, हाईवे चौड़ीकरण के दौरान कई स्थानों पर सड़क किनारे बड़े बोल्डर अब भी पड़े हुए हैं। इनके नहीं हटने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति में सुधार करना जरूरी है, ताकि यात्रियों और क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
शीतकाल से पहले चौड़ीकरण पूरा करने की मांग
पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मण बुटोला ने शीतकाल के दौरान हाईवे चौड़ीकरण के काम में तेजी लाने और नगर क्षेत्र में सड़क की स्थिति सुधारने की आवश्यकता बताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरे मार्ग और भूधंसाव प्रभावित हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उधर, बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर कराया जाएगा। जिन स्थानों पर सड़क संकरी है, वहां पहाड़ की कटिंग कर मार्ग को चौड़ा किया जाएगा।
बदरीनाथ धाम की यात्रा और स्थानीय आवागमन के लिहाज से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क की मरम्मत, जल निकासी की उचित व्यवस्था और चौड़ीकरण कार्य को समय पर पूरा करना जरूरी है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
