रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार को एक बार फिर परेशानी का सामना करना पड़ा। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास मलबा और पत्थर गिरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन गौरीकुंड में ही श्रद्धालुओं को रोक दिया है। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और रास्ता खोलने का काम शुरू कर दिया गया।
सुबह 7:22 बजे मिली मार्ग बंद होने की सूचना
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह 7 बजकर 22 मिनट पर गौरीकुंड के सेक्टर अधिकारी ने चीरबासा में पैदल मार्ग बाधित होने की सूचना दी। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग की टीम मजदूरों की मदद से मार्ग पर जमा मलबे और पत्थरों को हटाने में जुट गई।
मौके पर पुलिस बल और रेस्क्यू टीम को भी तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन की प्राथमिकता मार्ग को सुरक्षित बनाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू करना है।
सुरक्षा के मद्देनजर रोके गए श्रद्धालु
चीरबासा में रास्ता बंद होने के कारण केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले यात्रियों को गौरीकुंड में ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु होने तक श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पैदल मार्ग पर मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे में प्रशासन किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय रास्ता खुलने तक यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रोक रहा है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित या असुरक्षित हिस्से में आगे बढ़ने की कोशिश न करें।
आपदा कंट्रोल रूम से की जा रही निगरानी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग की निगरानी आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से की जा रही है। संबंधित विभागों को मार्ग से मलबा हटाने और स्थिति सामान्य करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मार्ग से मलबा हटाने का काम पूरा होने और स्थिति का आकलन करने के बाद ही आवाजाही बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल श्रद्धालुओं को धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के अगले निर्देशों का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
