देहरादून। उत्तराखंड में साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर टीम ने एक आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देहरादून में हुई साइबर धोखाधड़ी के मामले में शामिल होने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि ठगों ने WhatsApp के जरिए पीड़ित को अपने जाल में फंसाया था।
STF की जांच के अनुसार, साइबर ठगी के लिए आरोपी और उसके साथियों ने तकनीकी साधनों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया। ठगों ने पीड़ित से संपर्क कर उसे अलग-अलग तरीके से डराया और विश्वास में लेकर आर्थिक लेनदेन कराया। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी खंगालनी शुरू की।
जांच के दौरान पैसों के लेनदेन का कनेक्शन पश्चिम बंगाल तक पहुंचा। इसके बाद STF की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आरोपी की पहचान की। टीम ने कोलकाता में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
STF की कार्रवाई से साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भी पता चलने की संभावना है। इससे पहले भी उत्तराखंड STF अलग-अलग राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। एक अन्य मामले में STF ने पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन पर साइबर अपराधियों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम उपलब्ध कराने का आरोप था।
अधिकारियों के मुताबिक, साइबर ठग अक्सर व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं और पुलिस या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर डराते हैं। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की जाती है।
STF ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं और संबंधित बैंक को भी सूचना दें।
