देहरादून। उत्तराखंड में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। अब राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भवनों की भूकंप सुरक्षा का त्वरित आकलन (रैपिड विजुअल स्क्रीनिंग) करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण रुड़की स्थित केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) द्वारा आयोजित किया जाएगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य भूकंप संभावित क्षेत्रों में भवनों की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर जोखिम वाले भवनों की समय रहते पहचान करना है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को भवनों में दिखाई देने वाली संरचनात्मक कमियों, संभावित खतरे के संकेतों और प्रारंभिक सुरक्षा आकलन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक भवनों का प्राथमिक सुरक्षा मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे भूकंप की स्थिति में संभावित जोखिम वाले भवनों को चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण से आपदा प्रबंधन व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी तथा जनहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील राज्यों में शामिल है। ऐसे में भवनों की समय-समय पर सुरक्षा जांच और अधिकारियों की क्षमता बढ़ाना राज्य की आपदा तैयारी को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने इस पहल को भविष्य में व्यापक स्तर पर लागू करने की भी योजना बनाई है।
