देहरादून। हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाले की जांच में विजिलेंस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले में आरोपित आईएएस अधिकारियों के आवासों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने देहरादून समेत विभिन्न स्थानों पर एक साथ दबिश देकर महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य साक्ष्य जुटाए। यह कार्रवाई 54 करोड़ रुपये के चर्चित भूमि खरीद घोटाले की जांच का हिस्सा मानी जा रही है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार छापेमारी का उद्देश्य भूमि खरीद प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं और अधिकारियों की भूमिका से जुड़े साक्ष्य एकत्र करना है। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने फिलहाल जांच के हित में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम द्वारा वर्ष 2024 में लगभग 54 करोड़ रुपये में भूमि खरीद को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। विजिलेंस जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद राज्य सरकार ने कई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की अनुमति दी थी। इसी क्रम में एक आईएएस अधिकारी की सेवा समाप्त करने की सिफारिश और अन्य अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।
विजिलेंस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जारी है। यदि छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्यों से किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
