उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रैक से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई बबीता पांडेय की तलाश लगातार जारी है। कई दिनों से चल रहे व्यापक सर्च अभियान के बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने पर खोज अभियान का फोकस अब उस रहस्यमयी झील पर केंद्रित कर दिया गया है, जो उस कैंप के निकट स्थित है जहां बबीता को अंतिम बार देखा गया था।
बबीता की तलाश में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। खोजी दल अब तक आसपास के जंगलों, खाइयों, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और संभावित रास्तों की गहन तलाशी ले चुके हैं, लेकिन कोई महत्वपूर्ण सफलता हाथ नहीं लगी है।
सूत्रों के अनुसार झील और उसके आसपास के क्षेत्र का कई बार निरीक्षण किया जा चुका है। हालांकि अब यह आशंका जताई जा रही है कि मामले से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण सुराग झील की गहराइयों में छिपा हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए विशेष डीप सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी की गई है।
जानकारी के मुताबिक छह सदस्यीय विशेष डीप सर्च टीम जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचेगी। आधुनिक उपकरणों और तकनीक से लैस गोताखोर झील की गहराई, तलहटी और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच करेंगे।
बबीता पांडेय की गुमशुदगी का मामला लगातार रहस्य बना हुआ है। परिवार, स्थानीय लोगों और प्रशासन की निगाहें अब इस विशेष अभियान पर टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि झील में होने वाली गहन तलाशी से मामले से जुड़े अहम सुराग सामने आ सकते हैं।
