नाशिक: Tata Consultancy Services (टीसीएस) की नासिक स्थित बीपीओ यूनिट से जुड़े कथित धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में नया मोड़ आया है। यूनिट की एचआर हेड निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नाशिक की स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्होंने अपनी याचिका में गर्भवती होने का हवाला देते हुए राहत की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, निदा खान फिलहाल मुंबई में मौजूद हैं, जबकि विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है और उन्हें हिरासत में लेने की तैयारी कर रहा है। निदा खान ने वर्ष 2021 में टीसीएस की नासिक यूनिट जॉइन की थी और इस पूरे प्रकरण में उनका नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया जा रहा है।
मामला फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच का बताया जा रहा है। पुलिस को अब तक 9 शिकायतें मिली हैं, जिनमें महिला कर्मचारियों ने मानसिक और यौन शोषण के साथ-साथ जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने एचआर विभाग से कई बार संपर्क किया, लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और दबाने का प्रयास हुआ।
पुलिस के अनुसार, एक महिला कर्मचारी को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए, जबकि दूसरी के साथ शोषण का प्रयास किया गया। साथ ही एक पुरुष कर्मचारी पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाने और उसके धर्म का अपमान करने के आरोप भी सामने आए हैं।
इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एचआर हेड अश्विनी चैनानी शामिल हैं।
वहीं, टीसीएस ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम करती है और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी ने जांच में पुलिस को पूरा सहयोग देने की बात भी दोहराई है।
