गुरुकुल नारसन स्थित राजा महेंद्र प्रताप पीजी कॉलेज में गुरुवार से चल रहे भवन गणना प्रशिक्षण के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिक्षक प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने खानपान की अव्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षकों ने परोसे गए भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसे खाने से साफ इनकार कर दिया। कई शिक्षक बिना भोजन किए ही प्रशिक्षण में शामिल होते रहे।
शिक्षकों का आरोप है कि सुबह से शाम तक चलने वाले इस गहन प्रशिक्षण के बावजूद भोजन समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया। भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी के कैंपर खाली मिलने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई। प्रशिक्षुओं के अनुसार, सुबह का नाश्ता और दोपहर का भोजन न केवल बेस्वाद था, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक था। कुछ शिक्षकों ने भोजन करने के बाद पेट संबंधी समस्याओं की शिकायत भी की।
इस अव्यवस्था के विरोध में शिक्षकों ने जमकर प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिक्षकों ने नायब तहसीलदार युसूफ अली के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक ओर उनसे महत्वपूर्ण कार्यों का प्रशिक्षण लेने की अपेक्षा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर उनकी बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।
दोपहर के भोजन के समय अधिकांश प्रशिक्षणार्थियों ने एक स्वर में खाना खाने से मना कर दिया, जिससे प्रशिक्षण कार्य भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। विरोध करने वालों में जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप कुमार, प्रधानाध्यापक ऋषिपाल, मनोज कुमार, योगेंद्र कुमार, विपिन तोमर, कुशलजीत, कमलजीत तोमर, राजकुमार और संजय कुमार सहित कई शिक्षक शामिल रहे।
हालांकि, बाद में नायब तहसीलदार युसूफ अली ने मौके पर पहुंचकर शिक्षकों की शिकायत सुनी और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की देखरेख में उनकी पसंद के अनुसार भोजन तैयार कराया जाएगा। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और कुछ शिक्षकों ने भोजन ग्रहण किया, जबकि कुछ ने विरोध जारी रखते हुए खाने से इनकार कर दिया।
