देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजीत पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करुणा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस दुखद हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
इसके पश्चात बैठक में कुल आठ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।
चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के तहत ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता जिन्होंने पांच वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें आपसी सहमति के आधार पर जनपद स्तर पर स्थानांतरण का अवसर दिया जाएगा।
राजस्व विभाग में आपसी समझौते के स्तर पर भूमि अधिग्रहण के अलावा सीधे भूमि स्वामियों से जमीन खरीदने का प्रावधान स्वीकृत किया गया। साथ ही पराग फार्म की जमीन, जो सिडकुल को दी गई थी, अब किसी अन्य को बेची या पट्टे पर नहीं दी जा सकेगी। हालांकि सिडकुल को सब-लीज की अनुमति होगी।
जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत देहरादून और उधमसिंह नगर समेत चार जिलों में जिला जनजातीय कल्याण अधिकारी के नए पद सृजित किए गए।
राज्य में गैर-कृषि कार्यों को छोड़कर औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसाइटी में जल मूल्य प्रभार लागू किया जाएगा। साथ ही भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग पर शुल्क देना होगा।
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत जीआरडी विश्वविद्यालय को उत्तराखंड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलेगा। इससे संबंधित अध्यादेश आगामी बजट सत्र में विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को सौंपने पर सहमति बनी है, जिन्हें साझा संचालन के तहत चलाया जाएगा।
इसके अलावा राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत सब्सिडी संबंधी निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा लिए जाएंगे।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
