हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा स्नान और पूजन के लिए पहुंचे 35 श्रद्धालुओं की जान उस समय आफत में पड़ गई, जब अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने से वे नदी के बीच बने एक टापू पर फंस गए। पानी का बहाव तेज होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए टापू से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी की आपदा राहत टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते हुए इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे हरिद्वार में दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के पीछे गंगा के बीच बने टापू पर 35 श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना आपदा नियंत्रण कक्ष को मिली। बताया गया कि भीमगोड़ा बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। देखते ही देखते टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया और तेज बहाव के कारण श्रद्धालुओं का मुख्य तट तक लौटना मुश्किल हो गया।

सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। इसके साथ ही जल पुलिस और 40वीं वाहिनी पीएसी के आपदा राहत दल ने भी मोर्चा संभाला। पानी का बहाव तेज होने और लगातार जलस्तर बढ़ने के बीच बचाव दल ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने बोट की मदद से एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

एसडीआरएफ के उपनिरीक्षक आशीष त्यागी के अनुसार, अभियान के दौरान सभी 35 श्रद्धालुओं को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है।

गौरतलब है कि गंगनहर की वार्षिक बंदी के चलते हरकी पैड़ी को छोड़कर आसपास के कई घाटों पर पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में श्रद्धालु मुख्य गंगा धारा में स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। इसी दौरान जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने से यह घटना हुई।

प्रशासन और बचाव दल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और बहाव का विशेष ध्यान रखें। नदी के बीच बने टापुओं और गहरे स्थानों पर जाने से बचें।

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