देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। पार्टी संगठन ने महिला मोर्चा को कीर्तन और नवरात्र जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं तक सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

पार्टी की योजना के तहत मंडल स्तर तक कीर्तन मंडलियों में महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इन कार्यक्रमों में महिलाएं एक साथ कीर्तन का आनंद लेंगी और साथ ही सरकार की योजनाओं व सेवाओं की जानकारी भी साझा की जाएगी। इसके अलावा नवरात्र के नौ दिनों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगी।

इसी कड़ी में हरियाली तीज जैसे पारंपरिक त्योहारों को भी मंडल स्तर तक महिलाओं के साथ मिलकर मनाने की योजना बनाई गई है। पार्टी का मानना है कि सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के जरिए महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित करना अधिक प्रभावी होगा।

आंकड़ों के अनुसार जनवरी तक प्रदेश में कुल 84,29,459 मतदाताओं में से 40,64,488 महिला मतदाता हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं ने भाजपा की रिकॉर्ड जीत में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में पार्टी 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहती है।

इस बीच राज्य के बजट में भी महिलाओं के लिए जेंडर बजट को बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत बजट में जेंडर बजट को बढ़ाकर 19,692.02 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष 16,961.32 करोड़ रुपये था।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि महिला मोर्चा के माध्यम से त्योहारों और कार्यक्रमों के जरिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को महिलाओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाएगा।

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