Uttarakhand : देश का पहला स्विमिंग यूनिवर्सिटी (तैराकी विश्वविद्यालय) गढ़वाल मंडल में आकार ले सकता है। पौड़ी गढ़वाल जिले में इस अनूठे विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया ने जोर पकड़ लिया है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
उनकी इस पहल के बाद प्रशासनिक महकमे में भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस प्रोजेक्ट के वास्ते लगभग 200 नाली जमीन चिन्हित की जा चुकी है, और अब इस निजी नाप भूमि के अधिग्रहण या ट्रांसफर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। जमीन मिलते ही परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
Uttarakhand : क्या होगी इस यूनिवर्सिटी की खासियत?
देशभर में अभी तक तैराकी के लिए कोई स्वतंत्र या समर्पित विश्वविद्यालय नहीं है। वर्तमान समय में नेशनल स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, खेल अकादमियों या स्पोर्ट्स स्कूलों में इसे महज एक खेल स्पर्धा या विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। ऐसे में, पौड़ी में बनने वाला यह संस्थान देश का अपने तरह का पहला ऐसा केंद्र होगा, जो पूरी तरह से जलीय खेलों (एक्वाटिक्स), आधुनिक ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस और अकादमिक रिसर्च पर आधारित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के तैराक तैयार करना है।
इस विश्वविद्यालय के खुलने से केवल पेशेवर तैराक ही नहीं निकलेंगे, बल्कि कोचिंग, बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी और लाइफगार्डिंग जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा और डिग्री कोर्स भी चलाए जाएंगे। इससे पर्वतीय क्षेत्र में एक मजबूत खेल बुनियादी ढांचे का विकास होगा और उत्तराखंड सहित देश के युवाओं को स्विमिंग में करियर बनाने के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड के संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
सांसद अनिल बलूनी इससे पहले भी अपने क्षेत्र में कई बड़े प्रोजेक्ट्स लाने में सक्रिय रहे हैं। पौड़ी में इस तैराकी विश्वविद्यालय के निर्माण के बाद यह क्षेत्र देश के खेल मानचित्र पर एक विशिष्ट और नई पहचान के रूप में उभरेगा।
