चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड स्थित सिमल्ट गांव में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। पुश्तैनी मकानों में दरारें आने और जमीन खिसकने की आशंका के चलते चार परिवारों को अपने घर छोड़कर खेतों में टेंट लगाकर रहने को मजबूर होना पड़ा है। घरों से दूर अस्थायी ठिकानों पर रह रहे ग्रामीणों के सामने अब बिजली की कमी, जंगली जानवरों का खतरा और भविष्य की चिंता जैसी समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
गांव में भूस्खलन के कारण प्रभावित परिवारों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित रीना देवी, कमला देवी, विमला देवी और मुन्ना लाल के परिवारों को टेंट उपलब्ध कराए गए हैं। ये परिवार खेतों में लगाए गए टेंट में दिन और रात गुजार रहे हैं। हालांकि, अस्थायी व्यवस्था होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रात के अंधेरे में जंगली जानवरों का डर
टेंट में बिजली की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। रात होते ही आसपास अंधेरा छा जाता है। खेतों में रहने के कारण जंगली सूअर और गुलदार जैसे वन्यजीवों का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में परिवारों को हर समय अपनी और बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि अपने पुश्तैनी घरों को छोड़कर खुले खेतों में रहना बेहद कठिन हो गया है। उन्हें यह भी चिंता है कि आखिर कब तक उन्हें इसी तरह टेंट में रहना पड़ेगा। घरों में आई दरारों और लगातार बने भूस्खलन के खतरे के कारण वे अपने पुराने आशियानों में लौटने की स्थिति में नहीं हैं।
प्रशासन ने मदद का दिया भरोसा
सिमल्ट गांव में भूस्खलन का दायरा पहले भी बढ़ चुका है। मलबा और पत्थर खिसकने से कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। इससे पहले प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को टेंट और तिरपाल उपलब्ध कराए गए थे। ग्रामीणों ने सुरक्षित पुनर्वास और स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग भी उठाई है।
वहीं, उपजिलाधिकारी अलकेश नौडियाल ने बताया कि प्रशासन प्रभावित परिवारों के लगातार संपर्क में है। ग्रामीणों को हो रही परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री से अस्थायी सहारा मिला है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित आवास की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करेगा, ताकि वे भयमुक्त होकर अपना जीवन दोबारा सामान्य कर सकें।
