देहरादून। उत्तराखंड के नंदा देवी नेशनल पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक नई रिपोर्ट में गंभीर कमियां सामने आई हैं। जैव विविधता की निगरानी के लिए किए गए अध्ययन में वनकर्मियों की कमी और लंबी दूरी तक होने वाली गश्त में गिरावट पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती नहीं होने से पार्क के दूरस्थ क्षेत्रों की निगरानी प्रभावित हो सकती है। इससे अनधिकृत प्रवेश और अवैध गतिविधियों की आशंका भी बढ़ सकती है।
नंदा देवी नेशनल पार्क में प्रत्येक दस वर्ष में जैव विविधता की निगरानी के लिए अभियान चलाया जाता है। इस दौरान भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) समेत विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ क्षेत्र का अध्ययन करते हैं। इस वर्ष जून में भेजे गए अभियान दल ने अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की, जिसे हाल ही में जारी किया गया है। रिपोर्ट में जैव विविधता से संबंधित जानकारियों के साथ पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं।
वनकर्मियों की संख्या बढ़ाने और गश्त मजबूत करने की जरूरत
रिपोर्ट में वन रक्षक, वन दरोगा, डिप्टी रेंजर और रेंजर जैसे फ्रंटलाइन कर्मचारियों की कमी का उल्लेख किया गया है। नंदा देवी नेशनल पार्क का क्षेत्र दुर्गम होने के साथ काफी विस्तृत भी है। ऐसे में प्रभावी निगरानी और सुरक्षा के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की आवश्यकता बताई गई है।
रिपोर्ट में नियमित लंबी दूरी की गश्त बढ़ाने, वनकर्मियों के प्रशिक्षण और उनकी कार्यक्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा बिठारतोली से रामणी तक नियमित स्मार्ट पेट्रोलिंग करने और कैमरा ट्रैप जैसे आधुनिक निगरानी उपकरणों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
इनर सेंक्चुरी में पर्यटन का दबाव बढ़ाने के पक्ष में नहीं रिपोर्ट
रिपोर्ट में नंदा देवी क्षेत्र की संवेदनशील पारिस्थितिकी को देखते हुए इनर सेंक्चुरी में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार नहीं करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र अतिरिक्त पर्यटन दबाव सहने में सक्षम नहीं है। इसलिए मौजूदा नीति के तहत इको टूरिज्म को डिबरूगेटा तक सीमित रखने और पार्क प्रबंधन की निगरानी जारी रखने का सुझाव दिया गया है।
हालांकि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए समुदाय आधारित प्रबंधन पर विचार करने की बात कही गई है। इससे स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के साथ संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिल सकती है।
शासन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव नीना ग्रेवाल के अनुसार, पार्क की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कैमरा ट्रैप जैसे आधुनिक संसाधनों का उपयोग बढ़ाने और कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि की दिशा में काम किया जाएगा। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नंदा देवी नेशनल पार्क दुर्लभ वन्यजीवों और विशिष्ट हिमालयी जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में वनकर्मियों की कमी दूर करना और नियमित निगरानी सुनिश्चित करना इसके संरक्षण के लिए अहम माना जा रहा है।
