चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के गैरसैंण की छात्रा प्रतिभा रावत ने राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी-2026 में पहला स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से आयोजित इस संगोष्ठी में प्रदेश के 13 जिलों से आए विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में प्रतिभा ने अपनी वैज्ञानिक सोच, विषय की समझ और प्रभावशाली प्रस्तुति के दम पर पहला स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
‘भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047’ रहा संगोष्ठी का विषय
राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का विषय ‘भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएं एवं चुनौतियां’ रखा गया था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने किया।
संगोष्ठी में प्रदेश के सभी 13 जिलों से कक्षा आठ से दस तक के चयनित 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने भविष्य में भारत की ऊर्जा जरूरतों, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
सौर और जलविद्युत ऊर्जा की संभावनाओं पर हुई चर्चा
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा, जलविद्युत, पवन ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा सहित विभिन्न स्रोतों की संभावनाओं पर प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छोटे गदेरों के जलप्रवाह से लघु जलविद्युत परियोजनाएं विकसित करने के सुझाव भी सामने आए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
आरवी कंसवाल दूसरे और लक्ष्मी भट्ट तीसरे स्थान पर
निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विषयवस्तु, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और विषय की समझ के आधार पर किया। गैरसैंण के जेएसएनएसएनएम इंटर कॉलेज की प्रतिभा रावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल, टिहरी गढ़वाल की आरवी कंसवाल दूसरे और सराफ पब्लिक स्कूल, खटीमा की लक्ष्मी भट्ट तीसरे स्थान पर रहीं।
प्रतियोगिता में विजेताओं को प्रमाणपत्र, मेडल, पुस्तकें और सहायक सामग्री देकर सम्मानित किया गया। अन्य प्रतिभागियों को भी प्रमाणपत्र और सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, ऊर्जा संरक्षण और भविष्य की चुनौतियों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
