देहरादून। उत्तराखंड में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के शिक्षकों के लिए अलग कैडर बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है। अलग शिक्षक कैडर बनने से इन संस्थानों में तैनात शिक्षकों और विशेषज्ञों की सेवा व्यवस्था को अधिक स्पष्ट करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार SCERT और DIET स्कूल शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षण, शैक्षणिक शोध, पाठ्यक्रम विकास और शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान व्यवस्था में इन संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की कैडर संबंधी स्थिति को लेकर अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं हैं। ऐसे में विभाग की ओर से इनके लिए स्वतंत्र शिक्षक कैडर की व्यवस्था करने पर काम किया जा रहा है।
प्रस्ताव के तहत SCERT और DIET में तैनात शिक्षकों के पदों, नियुक्ति, स्थानांतरण और पदोन्नति से जुड़ी सेवा व्यवस्था को अलग कैडर के तहत व्यवस्थित किया जा सकता है। हालांकि प्रस्ताव का अंतिम स्वरूप मंत्रिमंडल में चर्चा और निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
SCERT राज्य स्तर पर शैक्षिक शोध और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यों का प्रमुख संस्थान है, जबकि DIET जिलों में शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षिक सहयोग की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी SCERT और DIET को मजबूत करने तथा उनके शैक्षणिक कार्यों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अलग रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के पास बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े विषयों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में इन विभागों के मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हैं।
अलग कैडर के प्रस्ताव को लेकर अब शिक्षकों की नजर कैबिनेट के फैसले पर है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो SCERT और DIET के शिक्षकों की सेवा शर्तों और कैडर व्यवस्था को नए ढांचे के अनुसार व्यवस्थित करने का रास्ता साफ हो सकता है। अंतिम निर्णय के बाद ही पदों और सेवा नियमों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
