देहरादून। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की स्प्रिंग टर्म 2026 की पासिंग आउट परेड देश के सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ गई। इस बार कुल 515 कैडेट सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना का हिस्सा बने। इनमें पहली बार आईएमए से प्रशिक्षण प्राप्त कर नौ महिला सैन्य अधिकारियों ने भी कदमताल करते हुए सेना में कमीशन हासिल किया, जो अकादमी के 94 वर्षों के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समीक्षा अधिकारी के रूप में परेड की सलामी ली और कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों से राष्ट्र की सुरक्षा, अनुशासन और सेवा की सर्वोच्च परंपराओं का पालन करने का आह्वान किया। परेड के दौरान कैडेटों ने ‘अंतिम पग’ की परंपरा निभाते हुए अधिकारी बनने का गौरवपूर्ण क्षण हासिल किया।

इस पासिंग आउट परेड में भारत के साथ-साथ मित्र देशों के विदेशी कैडेट भी शामिल हुए, जो सैन्य सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का प्रतीक है। महिला कैडेटों का पहली बार आईएमए से पास आउट होना भारतीय सेना में लैंगिक समानता और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर ने न केवल आईएमए की गौरवशाली परंपरा को नई पहचान दी, बल्कि देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का नया संदेश भी दिया।

You missed