ऋषिकेश। ऋषिकेश में सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर दोस्तों को “लापता” बताकर पोस्टर लगाना कुछ युवकों को भारी पड़ गया। मजाक के तौर पर किए गए इस कृत्य से पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, कुछ युवकों ने अपने दोस्तों के फोटो के साथ उन्हें लापता बताते हुए पोस्टर तैयार किए और विभिन्न स्थानों पर चस्पा कर दिए। पोस्टरों में संपर्क नंबर और अन्य विवरण भी दिए गए थे, जिससे लोगों को लगा कि वास्तव में कोई युवक गायब हो गया है। पोस्टर सामने आने के बाद कई लोगों ने इसकी सूचना पुलिस तक पहुंचाई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह किसी व्यक्ति के लापता होने का वास्तविक मामला नहीं था, बल्कि दोस्तों के बीच किया गया एक मजाक था। हालांकि, इस तरह की हरकत से पुलिस का समय और संसाधन अनावश्यक रूप से खर्च हुए तथा आम जनता में भी भ्रम की स्थिति बनी। इसके बाद संबंधित युवकों को पुलिस ने बुलाकर पूछताछ की और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचने की सख्त चेतावनी दी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी व्यक्ति के लापता होने जैसी संवेदनशील जानकारी के साथ मजाक करना गंभीर मामला है। ऐसे कृत्य से वास्तविक मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है और लोगों में अनावश्यक चिंता फैल सकती है। पुलिस ने युवाओं से सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है।
