लालकुआं। नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्र में दुष्कर्म के एक मामले की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की विवेचना कर रही महिला दरोगा पर पीड़िता को धमकाने और आरोपी को लाभ पहुंचाने के आरोप सही पाए गए हैं। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध होने पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने संबंधित महिला दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसएसपी के अनुसार, वर्ष 2025 में एक महिला ने लालकुआं कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि भगवत सरन नामक व्यक्ति ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया। आरोपी ने लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से इनकार कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया।
पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना एसआई अंजू यादव को सौंपी गई थी। हालांकि, पीड़िता ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही थीं और उल्टा उस पर दबाव बनाया जा रहा था।
पीड़िता की शिकायत पर कराई गई आंतरिक जांच में विवेचना को सरसरी ढंग से करने और आरोपी को अनुचित लाभ पहुंचाने की पुष्टि हुई है। साथ ही, पीड़िता को धमकाने के आरोप भी सही पाए गए हैं।
एसएसपी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए जल्द ही नए जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
