देहरादून। उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में बड़ा संशोधन करते हुए राज्य कैबिनेट ने पहचान छुपाकर किए जाने वाले विवाह को अब अमान्य घोषित करने का प्रावधान जोड़ दिया है। नए संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर शादी करता है तो उस विवाह को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी और संबंधित मामले का मुकदमा अदालत में चलेगा। पहले यूसीसी में ऐसा स्पष्ट प्रावधान मौजूद नहीं था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट बैठक में यूसीसी से जुड़े कई अहम संशोधनों को मंजूरी दी गई। प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव किए गए हैं। पहले सचिव स्तर का अधिकारी रजिस्ट्रार जनरल नियुक्त किया जा सकता था, लेकिन अब इस पद के लिए अपर सचिव स्तर के अधिकारी को पात्र बनाया गया है। साथ ही अपर सचिव स्तर के अधिकारी भी रजिस्ट्रार जनरल बन सकेंगे।
इसके अतिरिक्त सब-रजिस्ट्रार को भी अपील का अधिकार प्रदान किया गया है। पहले केवल रजिस्ट्रार को ही अपील सुनने का अधिकार था, जिसे अब विकेंद्रीकृत कर दिया गया है ताकि आम लोगों को सुविधा मिल सके और मामलों का त्वरित निपटारा हो।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में यूसीसी पिछले वर्ष 27 जनवरी को लागू की गई थी। इसके बाद समय-समय पर इसमें संशोधन किए जा रहे हैं। पिछली बार किए गए संशोधन में कुछ लिपिकीय त्रुटियां रह गई थीं, जिसके चलते राजभवन ने प्रस्ताव को वापस कर दिया था। अब उन त्रुटियों को दूर कर लिया गया है।
सरकार इन संशोधनों को कानूनी रूप देने के लिए अध्यादेश लाएगी, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
