शंखमाद INDIA/अल्मोड़ा :- भारत पाक 1941 युद्ध की स्वर्ण जयंती पर देश की राजधानी दिल्ली से शुरू हुई विशाल मशाल यात्रा का कैंट सेना के मैदान में भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर रंगारंग कार्यक्रमों के अलावा अनेक अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सोमवार को विजय मशाल रानीखेत रवाना होगी।

1971 के युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। इस ऐतिहासिक विजय का उत्सव मनाने के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक दिल्ली से शुरू हुई विजय मशाल बरेली, हल्द्वानी, चंपावत और पिथौरागढ़ होते हुए शनिवार की देर शाम अल्मोड़ा पहुंची थी। रविवार को सेना के मैदान में इस उत्सव के दौरान कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत और 27 पंजाब रेजीमेंटर चौबटिया ने विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया।

इस दौरान सेना के अफसरों और जवानों ने विजय मशाल को पुष्प चक्र अर्पित कर सलामी दी। जवानों ने पेप बैंड, पीटी, ब्रांस बैंड का प्रदर्शन किया और 24 यूके एनसीसी गर्ल्स बटालियन ने भी रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया। विजय उत्सव के दौरान वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लैफ्टिनेंट कमांडर हीरा सिंह सांगा एवं ब्रिगेडियर आईएस साम्याल ने इस मौके पर विजय उत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार को विजय मशाल रानीखेत को रवाना होगी

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