शंखनाद INDIA/ देहरादून
कोरोना संक्रमण के प्रकोप से प्रदेश खासा प्रभावित हुआ है। संक्रमण के चलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अन्य गतिविधियों मे सीधा प्रभाव पड़ा      है। जहां एक ओर पर्यटन और व्यवसायिक क्षेत्रों को काफी नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी ओर इससे जुडे़ लोगों में रोजगार की समस्या उत्पन्न हो   गयी है। कोरोना महामारी के कारण बेहाल हुआ पर्यटन उघोग को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी प्रकार से विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर   यात्रा दोबारा बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण लगातार दूसरे साल इस बार भी रद होने की स्थिति बन रही है। लिपूलेख दर्रे की ऊंचाई पार कर होने   वाली इस यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व हैं।

हर साल एक जून से राज्य के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपूलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा कराई जाती हैं। इस संबंध में तैयारियों को लेकर     हर साल मार्च तक छह बैठकें अलग-अलग स्तर पर होती है। यदि कैलास मानसरोवर बीते वर्ष की तरह रद हो गई, तो आजोजक कुमांऊ मंडल     विकास निगम को चार करोड़ रूपये से अधिक के राजस्व का नुकसान होगा। साथ ही इस यात्रा से जुडे़ स्थानीय लोगों की आजीविका सीधे प्रभावित   होगी। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते यह यात्रा नहीं हो सकी थी। देश मे तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद इस साल भी यात्रा नहीं   होने  के आसार बढ़ गए है। अनुमान है कि अधिकारिक तौर पर विदेश मंत्रालय इसका जल्द ऐलान कर देगा। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण   मानसरोवर  यात्रा नहीं हो सकी थी।

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