शंखनाद INDIA/राकेश सती/नारायण बगड
    पिण्डर घाटी के दौरे पर पहुचे वन संरक्षक गढवाल नित्यानन्द पाण्डे ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि सडक निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सडक निर्माण का मलबा वन भू िम व नदी नालों में डाला जा रहा है जिस पर विभाग के अधिकारों को सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं पर कडी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है । साथ ही उनके द्वारा जायका एवं वन विभाग द्वारा किये जा रहे योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थलिय निरिक्षण किया जा रहा है ।
  वनविश्राम गृह  में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों का जबाब देते हुए उन्होने कहा कि उनके भ्रमण का मुख्य उदेश्य विभागिय योजनाओं के स्थलिय निरिक्षण करने के साथ -साथ वन पंचाायतों एवं आम नागरिकों से आपसी संवाद स्थापित कर वनों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ वन पंचायतों को सुदढ व मजबूत कर आजिविका के अवसर को उपलब्ध कराने का प्रयास है, उन्होने बताया कि वर्तमान में चमोली जिले 1000 वन पंचायतों में से 67 वनपंचायतों में कार्यचल रहे है जिसे 200 वनपंचायतों तक पहुचाया जा रहा है । उनके द्वारा  वनपंचायतों का भ्रमण कर क्षेत्र में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का जायजा लेकर  जानकारी हासिल कि जा रही है  । वही वेमौसमी वनाग्नी के सवाल पर उन्होने कहा कि बेमौसमी वनाग्नी पर अक्सर देखा गया है, कि ग्रामीणों द्वारा स्वयं अपने उदेश्यों की पूर्ती हेतु वनों को जानबूझ कर आग के हवाले किया जा रहा है, जो कि नही होना चाहिये था भविष्य में एसे लोगों पर निगरानी रख कर उनके कृत्यों पर शक्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी ।
वही जंगली जानवरों के उत्पात से बंजर हो रही कृषि भूमि के सवाल पर उन्होने कहा कि बन्दर बाडा व सुवर रोधी दिवालों का निर्माण किया जायेगा उन्होने कहा कि तत्कालिक स्तर पर क्षे़त्रों से बन्दरों का पकड कर हरिद्वार की लैब में उनका बन्धयाकरण भी किया जा रहा है। जिससे निश्चित तौर पर भविष्य में अच्छे परिणाम प्राप्त होगे । वही उन्होने बताया कि नवनिर्मित सडको के कारण तबाह हो रहे वन क्षेत्रों के छतिपूरक के तौर पर अन्य क्षेत्रों में वृक्षा रोपण कर वनों का विस्तार किया जाता है । वही उन्होंने बताया उनके द्वारा वर्तमान में 60-65 सडक मार्गो के लिऐ वन भूमि की स्वीकृति प्रदान कराई गयी है । इस अवसर पर डीएफओं अलकन्दा वन प्रभाग गोपेश्वर सर्वेश्वर कुमार, वन क्षेत्र अधिकारी वद्रीनाथ वन प्रभाग जुगल किशोर चैहान, आदि विभागिय अधिकारी उपस्थित थे।

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