देहरादून। समाज के सबसे बड़े रक्षक माता-पिता अगर भक्षक बन जाएं तो बच्चे का भविष्य ही तबाह हो जाता है। देहरादून की पोक्सो कोर्ट ने एक एयरफोर्स कर्मी को अपनी ही 5 साल की बेटी से 12 वर्ष तक दुष्कर्म करने के अपराध में 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार को आई इस सजा ने पूरे समाज को झकझोर दिया। कोर्ट ने दोषी पर तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे ‘विकृत कामुकता’ और ‘समाज के लिए कलंक’ करार दिया, जो बच्चे के विकास के लिए सबसे घातक है।
पीड़िता ने अदालत में गवाही देते हुए harrowing details बयान किए। 5 साल की उम्र में उसके पिता ने पसंदीदा गुड़िया के हाथ-पैर तोड़कर उसे डराया और धमकी दी कि किसी को बताया तो उसके साथ भी यही होगा। फिर कमरे में ले जाकर पहली बार दुष्कर्म किया। यह सिलसिला 17 साल की उम्र तक चला। मथुरा, गुजरात और देहरादून में पोस्टिंग के दौरान भी दरिंदगी जारी रही। पिता जब ड्यूटी पर बाहर होता, तो वीडियो कॉल पर कपड़े उतरवाने के लिए मजबूर करता।
पीड़िता ने 17 साल तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन हिम्मत जुटाकर मां को सच्चाई बताई। 17 नवंबर 2023 को मां ने रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद कोर्ट पहुंचा मामला। बचपन से ही डर के साये में जी चुकी पीड़िता अब बालिग है और न्याय की उम्मीद में खड़ी हुई।
यह मामला बाल यौन शोषण की भयावहता को उजागर करता है। पुलिस और कोर्ट की सख्ती से दोषी को सजा मिली, लेकिन पीड़िता का मानसिक आघात जीवनभर रहेगा। समाज को ऐसे रक्षकों से सावधान रहना होगा।
