शंखनाद INDIA/नई दिल्ली

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे, प्रदर्शन किसानों का पक्ष लेते हुए कहा,  कि केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी मान्यता दे, तो किसान भी मान जांएगे। राज्यपाल मलिक ने कहा, कि जिस देश का किसान और जवान असंतुष्ट हो, वह देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता। उनकी  मांगे मान लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का काम चुप रहना है, लेकिन मेरी आदत है कि जो सामने हो रहा है, उस पर बोलूं। नये कृषि कानूनों को सही ठहराने के लिए भाजपा द्वारा दी जा रही दलील पर तंज करते हुए मलिक ने कहा, शोर भी मचाया गया कि किसान दूसरी जगह कहीं भी फसल बेच सकते हैं। वह तो 15 साल पुराना कानून है, लेकिन उसके बावजूद मथुरा के किसान जब गेहूं लेकर पलवल जाते हैं, तो उन पर लाठी चार्ज हो जाता है।

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक रविवार को आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।  सत्यपाल मलिक ने कहा, कि मैंने किसान आंदोलन के मामले में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलकर किसानों की बात रखी है और कहा कि इन्हें खाली हाथ मत भेजना, न ही इन पर बल प्रयोग करना। उन्होंने ने कहा कि मैंने राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की सुगबुगाहट सुनी तो फोन करके इसे रूकवाया। राज्यपाल ने कहा कि देश में किसान का बुरा हाल है। किसान प्रतिदिन गरीब हो रहा है, जबकि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन हर तीसरे साल बढ़ा दिया जाता है। किसान जो बोता है वो सस्ता और जो खरीदता है वो महंगा हो जाता है। किसान परिवार से हूं इसलिए उनकी तकलीफ समझता हूं। किसानों की समस्या हल कराने के लिए यहां तक जाना पडे़गा, वहां तक जाऊगा। एक कानून का प्रचार किया जा रहा है। कि किसान अपनी सफल कहीं भी बेचने जाता है तो उस पर लाठीचार्ज हो जाता है। जिस देश के किसान और जवान असंतुष्ट होंगे, वह कभी तरक्की नहीं कर सकता। सरकार को किसानों की समस्या हल करने की कोशिश करनी चाहिए

 


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