देहरादून। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित इंडिया गठबंधन की मेगा रैली को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रैली को विपक्ष की हताशा और निराशा का परिणाम बताते हुए कांग्रेस के इतिहास और उसकी राजनीति पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र को कमजोर करने वाला रहा है। देश में आपातकाल लागू करना और कई बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करना इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने करीब 60 वर्षों तक केंद्र और राज्यों में शासन किया, लेकिन अब जनता का भरोसा खो चुकी है। सत्ता से बाहर होने के बाद विपक्षी दल इस तरह के प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उनकी हताशा और निराशा को दर्शाता है।
धामी ने कहा कि वर्तमान समय में देश दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार की खुशियां मना रहा है। ऐसे में व्यापारिक संगठनों ने राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं से त्योहारों के बाद विरोध प्रदर्शन करने की अपील की थी। उनसे अनुरोध किया गया था कि बाजारों में कारोबार प्रभावित न हो और आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बावजूद रैली आयोजित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश और नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिली, विपक्ष उसी तरह के हालात पैदा कर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में हुई हिंसक घटनाओं का भी जिक्र किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने एक बार कहा था कि कांग्रेस सत्ता में रहती है तो जनता के लिए खतरनाक होती है और सत्ता से बाहर होने पर पूरे देश के लिए खतरा बन जाती है।
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में यह मेगा रैली आयोजित की है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं। वहीं, भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगा रही है।
