हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार सुबह शहर के पिरान कलियर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मजार को प्रशासन ने हटवा दिया। कार्रवाई पूरी तरह से तय प्रक्रिया और पूर्व सूचना के बाद की गई। जिला मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित ने बताया कि यह मजार यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित थी, जिसे चिन्हित किए जाने के बाद संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया था।
डीएम मयूर दीक्षित ने एएनआई से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद हरिद्वार में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिरान कलियर के पास पुरानी नहर के घाट पर बने सीढ़ीनुमा ढांचे पर यह धार्मिक संरचना खड़ी की गई थी, जिसे बुधवार को हटाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस चस्पा कर उसकी विधिवत तामीली की गई और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
डीएम ने बताया कि जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची तो कुछ लोगों ने स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया था। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी ने सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कर रखा है तो उसे स्वेच्छा से हटा लें, क्योंकि आने वाले दिनों में अभियान को और तेज किया जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि अब तक हरिद्वार जनपद में 50 से अधिक अवैध संरचनाओं पर कार्रवाई की जा चुकी है। वन विभाग, सिंचाई विभाग और अन्य सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को भी चिन्हित किया गया है।
साथ ही 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले को देखते हुए मेला भूमि से अतिक्रमण हटाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य कुंभ मेले से पहले सभी मेला क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर दबाव अधिक है, ऐसे में भूमि को खाली कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
