चमोली। चमोली जिले के प्रसिद्ध नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व और फूलों की घाटी के समीपवर्ती जंगल पिछले पांच दिनों से भीषण आग की चपेट में हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खड़ी ढलानों के कारण जमीनी स्तर पर आग बुझाने के प्रयास असफल साबित हो रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब भारतीय वायुसेना को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, 9 जनवरी को नंदा देवी नेशनल पार्क के पेनखंडा क्षेत्र और भ्यूंडार रेंज की पहाड़ियों में आग लगी थी। यह इलाका समुद्र तल से लगभग 11,500 से 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। अलकनंदा और लक्ष्मण गंगा नदियों के बीच स्थित इस क्षेत्र में फिसलन भरे रास्तों और अत्यधिक ढलानों के कारण वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें मौके तक नहीं पहुंच पा रही थीं।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए शासन से हेलीकॉप्टर सहायता की मांग की थी। इसके बाद भारतीय वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर मौके पर तैनात किया गया है। हेलीकॉप्टर ‘बाम्बी बकेट’ प्रणाली से लैस है, जिसमें एक बार में 2,500 से 3,000 लीटर पानी भरकर आग प्रभावित क्षेत्रों पर छिड़काव किया जा सकता है।
रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने वायुसेना के ऑपरेशन शुरू होने की पुष्टि की है। वहीं, उप जिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ पहुंच चुका है और आग बुझाने का अभियान गुरुवार सुबह से जारी है।
प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जल्द आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
