ग्रामीणों में भय और असुरक्षा, स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित

श्रीनगर गढ़वाल। खंडाह के समीपवर्ती कोटी और नयालगढ़ गांवों में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कोटी गांव का एक परिवार सुरक्षा कारणों से गांव छोड़कर श्रीनगर आ चुका है, जबकि दो अन्य परिवार भी घर छोड़ने की तैयारी में हैं। ग्रामीणों में भय, असुरक्षा और निराशा का माहौल गहराता जा रहा है।

गौरतलब है कि 20 नवंबर को गुलदार के हमले में कोटी गांव की एक महिला की मौत हो गई थी। इसी घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल और बढ़ गया है। बृहस्पतिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल पीड़ित परिवार से मिलने कोटी पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि सुरक्षा इंतज़ाम होने तक तीन परिवार गांव छोड़ने का निर्णय ले चुके हैं। गोदियाल ने इसे सरकार की गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि जंगली जानवरों के भय से हो रहा पलायन राज्य के भविष्य के लिए चिंताजनक है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम बिना पर्याप्त संसाधनों के भेजी जा रही है, जिससे वे स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रहे। गांव के उमाचरण रावत का कहना है कि आर्थिक रूप से सक्षम लोग शहरों में बस सकते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के लिए गांव छोड़ना आसान नहीं है।

स्कूली बच्चों पर भी संकट

कोटी ग्राम सभा के बच्चों के लिए स्कूल जाना जोखिम भरा हो गया है। ढामकेश्वर इंटर कॉलेज, राइंका खंडाह और राइंका जामणाखाल की दूरी 2.5 से 5 किमी. तक है, जिसे बच्चे पैदल तय करते हैं। गुलदार की मौजूदगी से यह मार्ग अत्यंत खतरनाक हो गया है।

वन क्षेत्राधिकारी दिनेश नौटियाल ने बताया कि क्षेत्र में पिंजरे लगाए गए हैं, टीमें गश्त कर रही हैं और शूटर भी तैनात किए गए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द समाधान की मांग की है।