नैनीताल। नियमित और सेवानिवृत्त वर्कचार्ज कर्मचारियों ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर शासनादेश के खिलाफ नाराजगी जताई। नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के प्रदेश मुख्य संयोजक गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि शासन द्वारा 16 जनवरी 2026 को जारी नए शासनादेश में एक अक्टूबर 2005 के बाद नियमित हुए वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन के दायरे में लाने के लिए 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने की शर्त रखी गई है। इस प्रावधान से कर्मचारियों में भारी असंतोष है।

उन्होंने कहा कि नए शासनादेश के चलते वर्ष 2023 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर भी रोक लग गई है। लोनिवि विभाग द्वारा पेंशन से संबंधित पत्रावलियां अभी तक कोषाधिकारी कार्यालय को नहीं भेजी गई हैं, जिसके कारण 2005 से 2023 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया बाधित हो गई है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों का घेराव करने की कोशिश भी की और शासन से पेंशन संबंधी निर्णयों में संशोधन की मांग की। प्रदर्शन में दर्जनों नियमित और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा।