ऋषिकेश। उत्तराखंड में रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ऋषिकेश शाखा के चालक, परिचालक और लिपिक इस आंदोलन में शामिल हैं। कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से ऋषिकेश डिपो से संचालित होने वाली कई प्रमुख मार्गों की बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इससे यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारी लंबे समय से लंबित वेतन और अन्य भुगतान की मांग कर रहे हैं। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों को पिछले तीन महीने का वेतन अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा हर महीने की सात तारीख तक वेतन जारी करने और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी उठाई जा रही है।
इन प्रमुख मांगों को लेकर कर्मचारी कर रहे आंदोलन
रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में तीन महीने के बकाया वेतन का भुगतान, नियमित कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाना और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित भुगतान को जारी करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी के चलते यूनियन ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का फैसला लिया है।
दिल्ली, लखनऊ और बरेली समेत कई मार्ग प्रभावित
कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का असर ऋषिकेश से संचालित होने वाली बस सेवाओं पर दिखाई देने लगा है। ऋषिकेश-देहरादून, ऋषिकेश-लखनऊ, ऋषिकेश-बरेली, ऋषिकेश-कानपुर और ऋषिकेश-दिल्ली मार्गों पर बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। इन मार्गों पर बसों की उपलब्धता कम होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ऋषिकेश शाखा के मंत्री संदीप कश्यप ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है। मांगों के समाधान के लिए ही कार्य बहिष्कार शुरू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक रोडवेज मुख्यालय की ओर से मांगों के संबंध में लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
