चमोली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 11.41 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने इसे “संतुलन बजट” बताते हुए कहा कि सरकार संकल्प से सिद्धि की दिशा में बढ़ते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए काम कर रही है।

बजट प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भगवान बदरीविशाल और बाबा केदार को नमन किया और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में बलिदान देने वाले आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही उत्तराखंड राज्य का गठन संभव हुआ।

महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विशेष प्रावधान

बजट में महिलाओं के सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं के लिए धनराशि निर्धारित की गई है। नन्दा गौरा योजना के लिए 220 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के लिए 13.44 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए 15 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि के लिए 8 करोड़ रुपये तथा निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ ही ईजा-बोई शगुन योजना के लिए समग्र रूप से 122 करोड़ रुपये तथा चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं से संबंधित बजट में वृद्धि

सरकार ने महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए निर्धारित राशि में भी वृद्धि की है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह राशि 16,961.32 करोड़ रुपये थी, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 19,692.02 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान

स्वास्थ्य विभाग के लिए 4,252.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि निर्माण और अन्य पूंजीगत कार्यों के लिए 195 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बागेश्वर जिला चिकित्सालय सहित डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और नैनीताल में अस्पतालों से जुड़ी कई योजनाओं पर कार्य जारी है।

सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए प्रावधान

बजट में अनुसूचित जातियों के लिए 2400 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजातियों के लिए 746.75 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 98 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा अटल आयुष्मान योजना के लिए 600 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 298.45 करोड़ रुपये और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। परिवहन निगम की बसों में महिलाओं की निशुल्क यात्रा सुविधा के लिए 42 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

संतुलन की अवधारणा

मुख्यमंत्री ने बताया कि संतुलन का अर्थ है समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव और शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था।

सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में पहली बार समान नागरिक संहिता लागू की गई, सख्त नकलरोधी कानून बनाया गया और मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया। इसके साथ ही शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देकर पर्यटन को नया आयाम दिया गया तथा सरकारी भूमि से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास, सामाजिक कल्याण और जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।