कोटद्वार। नववर्ष 2026 के पहले दिन श्री सिद्धबली मंदिर में दर्शन के लिए आए मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के श्रद्धालुओं और मंदिर व्यवस्था में लगे कुछ स्वयंसेवकों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मंदिर परिसर में हुई इस घटना में तीन श्रद्धालु घायल हो गए, जिनका उपचार कराया गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से हमलावरों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।

जानकारी के अनुसार, रामलीला टीला, मुजफ्फरनगर से आए श्रद्धालुओं का एक जत्था नववर्ष के अवसर पर सिद्धबली बाबा के दर्शन और मन्नत पूरी होने पर प्रसाद चढ़ाने के लिए कोटद्वार पहुंचा था।

मंदिर में अत्यधिक भीड़ के चलते सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर कुछ शॉर्ट रास्तों को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। इसी दौरान दूधमुंहे बच्चे को गोद में लिए एक महिला श्रद्धालु मन्नत का धागा खोलने के लिए बंद रास्ते से जाने का प्रयास करने लगी, जिसे ड्यूटी पर तैनात स्वयंसेवकों ने रोक दिया।

आरोप है कि इस बात को लेकर हुई कहासुनी के दौरान स्वयंसेवक शालीनता भूल बैठे और बात बढ़ गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे और लाठी व पत्थरों से भी हमला किया गया। महज दो मिनट की इस झड़प से मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौजूद श्रद्धालु सन्न रह गए।

घटना की सूचना पर मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। हालांकि तब तक गौरव और कार्तिक समेत तीन श्रद्धालु घायल हो चुके थे। दूसरी ओर, मंदिर समिति ने घटना को गंभीर नहीं माना। समिति अध्यक्ष डॉ. जेपी ध्यानी ने बताया कि मामूली विवाद के बाद बीच-बचाव से मामला शांत करा दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।