रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ हाईवे स्थित अगस्त्यमुनि क्षेत्र में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच विवाद खड़ा हो गया। करीब 15 वर्षों बाद निकाली गई इस पारंपरिक डोली यात्रा को मंदिर से रवाना होकर अगस्त्य ऋषि मैदान पहुंचना था, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पहले से मौजूद थे।
गुरुवार को जब डोली मैदान के मुख्य द्वार पर पहुंची, तो गेट बंद मिला। काफी देर तक गेट न खुलने से श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब स्थानीय लोगों ने स्वयं गेट खोलने का जिम्मा उठाते हुए उसे तोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाएं भी गेट पर चढ़कर हथौड़ों से गेट तोड़ने की कोशिश करती नजर आईं। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
डोली समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस ऐतिहासिक यात्रा की सूचना प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी, बावजूद इसके किसी प्रकार की ठोस व्यवस्था नहीं की गई। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मैदान में डोली यात्रा का आयोजन होता रहा है, वहां सरकार द्वारा स्टेडियम निर्माण की योजना बनाई गई है। मंदिर समिति और क्षेत्रवासी लंबे समय से इसका विरोध कर रहे हैं।
लोगों का दावा है कि यह भूमि अगस्त्य ऋषि मंदिर की है और इसे संरक्षित रखा जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर क्षेत्र में पहले से धरना-प्रदर्शन भी जारी है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
