देहरादून। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले चल रही बीएलओ मैपिंग में धीमी प्रगति को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को नोटिस जारी किया गया है।
मंगलवार को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में डॉ. पुरुषोत्तम ने इन जिलों में बीएलओ मैपिंग की कम प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी जिलों को एसआईआर से पहले जिलावार विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाकर कार्य में तेजी लाने को कहा।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में यह प्रगति अपेक्षाकृत कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को एसआईआर कार्य में लगाया जाए तथा बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) की ट्रेनिंग लगातार जारी रखी जाए।
इसके अलावा, सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एसआईआर से पहले सभी बूथों पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ बैठक करें। गणना प्रपत्रों के समयबद्ध वितरण के लिए भी स्पष्ट योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलों की प्रगति पर नजर डालें तो रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में 100 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि चंपावत और उत्तरकाशी 99 प्रतिशत के साथ आगे हैं। वहीं, देहरादून और ऊधमसिंह नगर 77 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे हैं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और अन्य अधिकारी भी वर्चुअल रूप से शामिल रहे।
