देहरादून। राजधानी में एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा देने की कवायद तेज हो गई है। आने वाले दिनों में हजारों घरों को पीएनजी से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पीएनजी कनेक्शन की संख्या तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के बाद गेल गैस कंपनी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कंपनी का लक्ष्य बारिश से पहले अधिक से अधिक घरों तक गैस आपूर्ति पहुंचाना है। वर्तमान में राजधानी के करीब 2100 घरों और 25 वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में पीएनजी की आपूर्ति हो रही है। शहर में 250 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन में गैस उपलब्ध है, जबकि लगभग 100 किलोमीटर पाइपलाइन में जल्द ही गैस आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।
करीब 35 हजार ऐसे घर हैं जहां पाइपलाइन फिटिंग और मीटर तो लगाए जा चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी मुख्य लाइन से नहीं जोड़ा गया है। कंपनी का फोकस सबसे पहले इन्हीं घरों में गैस आपूर्ति शुरू करने पर है।
हालांकि, परियोजना की रफ्तार में अनुमतियां बड़ी बाधा बनी हुई हैं। पाइपलाइन बिछाने का काम तीन साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन मौसम और सीमित समय की अनुमति के चलते काम प्रभावित होता रहा है। कई बार वेंडरों की लापरवाही के कारण अनुमति रद्द होने से भी कार्य में देरी हुई है।
इस बीच, एलपीजी संकट के चलते होटल और रेस्टोरेंट सहित बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठान भी पीएनजी की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में करीब 30 बड़े प्रतिष्ठानों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए करार किए हैं, जबकि हलवाई एसोसिएशन ने भी इसकी मांग बढ़ा दी है।
