प्रदेश में महिलाओं के सशक्त बनाने के लिए लगातार सरकार काम कर रही है। इसी क्रम में अब प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तत्वाधान में ग्रामीण सहकारी बैंकों के संस्थागत विकास को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि सहकार के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं को सहकारिता से जोड़ने के लिए युवा सहकार और जनजातीय सहकारिता सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
अब प्रदेश में आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं
साल 2025 को अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है जिसको लेकर वर्ष भर सहकारिता गोष्टी और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में “सहकारिता के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण” आधारित थीम पर बुधवार देहरादून सर्वे चौक स्थित आरटीडीए ऑडिटोरियम में सहकारिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलित द्वारा की गई आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता के क्षेत्र में सभी वभिन्न जनपदों से महिला सहायता समूह सहकारिता और बैंकिंग उत्कृष्ट कार्य करने पर 35 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसमें सहकारिता विभाग से 12 महिला सहकारी बैंक से 11 महिलाओं को और 12 सहायता समूह से जुड़ी विभिन्न जिलों की महिलाओं को सहकारिता मंत्री निबंधक सहकारिता और सीजीएम नाबार्ड द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
महिलाओं की आय को दोगुना नहीं तीन गुना बढ़ाना लक्ष्य
डॉ धन सिंह रावत ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसके द्वारा महिलाओं को सहकारिता में भागीदारी के लिए 33% आरक्षण किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में महिलाओं की आय को दोगुना नहीं तीन गुना बढ़ाना है।