शंखनाद INDIA/ नई दिल्ली
डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों मे उछाल से आम आदमी पर मंहगाई का बोझ बढ़ना शुरू हो गया है। आम आदमी की रसोई का बजट ईधन के बढ़ने से गड़बडा गया है। गरीब आदमी का जीना बेहाल हो चुका हैं। इसी 11 महीने में गैस के दाम 12 बार बढ़ चुके है। 1 मई 2020 को गैस के दाम 581 रुपये थे। इसी तरह 11 महीनों में गैस रसोई का सिलेंडर 769.00 हो चुका है ईधन की कीमत में बढ़ोत्तरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 11 महीनें में घरेलू रसोई सिलेंडर की कीमत में 187.50 रुपये महंगा हो चुका है। पेट्रोल 100 रुपये पार हो चुका है, वहीं डीजल के दामों में भी बढोत्तरी हो रही हैं आॅयल मार्केटिंग कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले घरेलू गैस (एलपीजी) सिलंेडर की कीमत बढा़ दी है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ाकर 769 रुपये का दी है। इससे पहले 4 फरवरी को चार मेट्रो शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में बिना सब्सिडी वाले घरेलु ु गैस सिलेंडर की कीमत में 25 रुपये की वृद्धि की गई थी।
घरेलू सिलेंडर की कीमतांे में वुद्धि की यह खबर ऐसे समय में आई है, जबकि पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपने सर्वोच्च स्तर पर चल रही हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार छठे दिन वृद्धि हुई हैं। रविवार को पेट्रोल में 29 पैसे और डीजल में 32 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हुई। इस बढ़ोत्तरी के साथ दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 88.73 रुपये और डीजल की कीमत 79.06 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। कुछ राज्यों में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों ने 100 रुपये प्रति लीटर का अंाकड़ा पार कर लिया है।
ईधन विशेषज्ञों का कहना है, कि कीमतों में बढ़ोत्तरी से राहत नहीं मिलने वाली है, क्योंकि महामारी पर काबू पाने के बाद लाॅकडाउन तेजी से खत्म हो रहा है। इससे मांग बढ़ेगी, जो कीमत बढ़ाने का काम करेगी। अभी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे कीमत 61 डालर प्रति बैरल के आस पास है जो अगले दो महीने में 75 रुपये पहुँचने की उम्मीद हैं।

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