शंखनाद INDIA/विजय उप्रेती/पिथौरागढ़ः जिला मुख्यालय के नजदीकी हुड़ेती गांव के जंगल में अब जम्म-कश्मीर के उन्नत किस्म के अखरोटों की पैदावार होगी। ग्रामीणों ने जंगल में कश्मीर प्रजाति के अखरोटों के पौधों का रोपण शुरू कर दिया है। रविवार को ग्रामीणों ने 20 से अधिक अखरोटों के पौधे लगाए और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए।
हुड़ेती गांव निवासी शिक्षक दंपती राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्तकर्ता राजेश मोहन उप्रेती व उषा उप्रेती की पहल पर जीआईसी-सुकौली रोड में स्थित हुड़ेती गांव के जंगल में जम्मू-कश्मीर की उन्नत किस्म के कागजी अखरोटों का पौधरोपण किया जा रहा है। रविवार को कौशल्या मंदिर परिसर के आसपास पौधरोपण कार्य का शुभारंभ किया गया। जिसमें गांव के युवाओं ने बढ़़चढ़ कर अपना योगदान दिया।

शिक्षक दंपती ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से मंगाए गए कागजी अखरोट के एक पौधे की कीमत 250 है। शुरुआत में 20 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके बाद मंदिर परिसर के आसपास और अधिक पौधे लगाए जाएंगे। पौधों के संरक्षण के लिए गांव के युवाओं की टीम भी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि यदि कोशिश रंग लाई तो भविष्य में अखरोट यहां की आर्थिकी संवारने का मुख्य जरिया बन सकेगा। पौधरोपण में सहयोग करने वालों में गणेश उप्रेती, रमेश उप्रेती, सुबोध उप्रेती, चंदन जोशी, रजत उप्रेती, अजय, सचिन, हर्षित, कौशल, नितिन आदि ने सहयोग प्रदान किया।

बता दें कि हुड़ेती गांव के ग्रामीणों ने जंगल को दस साल के लिए देवी को समर्पित किया है। ग्रामीणों द्वारा लिया गया यह आस्था का सहारा कारगर साबित हो रहा है। जंगल में होने वाले अवैध कटान पर अब अंकुश लग गया है। पर्वतीय अंचलों में अवैध कटान को रोकने लिए जंगलों को देवी मां को चढ़ाने की यह परंपरा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टिकोण से काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है।

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