मेनिका अग्रवाल/
सभी पोषक तत्वों की तरह भोजन में फाइबर होना भी जरूरी है। फाइबर शरीर को कई रोगों से बचाने में मदद करता है। दिक्कत यह है कि ज्यादातर लोग उतनी मात्रा में आहार में फाइबर नहीं खाते, जितना जरूरी है।
इंसुलिन व कोलेस्ट्राॅल ठीक रखने से लेकर शरीर में अच्छे बैक्टीरिया बनाने मे फाइबर की खास भूमिका होती है । विशेषजों के अनुसार, दिन भर में एक वयस्क पुरूष को कम से कम 30 ग्राम व महिलाओं को 25 ग्राम फाइबर खाना चाहिए। पर, हममें से ज्यादातर रोज 14 ग्राम फाइबर ही खाते है। जंक फूक, रिफाइंड व प्रोसेस्ड फूड अधिक खाए जाने से हमारे भोजन में फाइबर की मात्रा कम होती जा रही है। इस वजह से मधुमेह, कब्ज व पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
फाइबर दो तरह के होते हैं। घुलनशीन और अघुलनशीन। दोनों ही फाइबर शरीर के लिए जरूरी होते है। घुलनशील फाइबर पानी में घुल जाता है और मेटाबाॅलिक रिएक्शन के दौरान आंत मे ‘अच्छे’ बैक्टीरिया बनाता है, जिससे पाचन क्षमता बेहतर बनती है। अघुलनशील फाइबर पानी में नहीं घुलते । इससे कब्ज से छूटकारा मिलता है।

हमारे लिए फाइबर की कितनी मात्रा जरूरी है, यह दिन भर में खाई जाने वाली कैसरी की मात्रा और उम्र पर भी निर्भर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर 1000 ग्राम कैलोरी पर 14 ग्राम फाइबर लेना चाहिए । अगर हम दिन भर में 2500 ग्राम कैलारी लेते हैं तो हमें 30 ग्राम फाइबर जरूर लेना चाहिए । एक से चार साल तक के बच्चों को रोज 10 से 15 ग्राम फाइबर पर्याप्त होता है। चार से दस साल तक के बच्चों की 20 ग्राम तक फाइबर जरूर लेना चाहिए । बच्चे हों या बडे़, फाइबर सभी के लिए जरूरी हैं।
फाइबर के लाभ
फाइबर की सही मात्रा से वनज काबू रखने में मदद मिलती हैं। फाइबरयुक्त भोजन से देर तक पेट भरे रहने का एहसास रहता है। उच्च फाइबर युक्त खाना पानी को सोख लेता है, इससे पेट जल्दी भरने का एहसास होता है व अपशिष्ट पदार्थ शरीर से जल्दी बाहर निकलते हैं । फाइबर से खून में धीमी गति से शर्करा मिलती रहती है, इससे भूख बार-बार नहंी लगती, सिर ददे नहीं होता व थकान भी कम होती है। फाइबरयुक्त भोजन से कार्बोहाइड्रेट, ग्लूकोज में धीमी गति से परिवर्तित होता है, इससे इंसुलिन काबू में रखने में मदद मिलती है। शरीर की वसा व शुगर को ग्रहण करने की क्षमता में भी सुधार होता है। आंतों की सफाई होती है । इससे कई तरह के कैंसर से भी बचाव होता है।
शामिल करें आहार में फाइबर
सुबह नाश्ते में मल्टीग्रेन दलिया व ओट्स खाएं। इसे मीठा, नमकीन व सब्जियों के साथ, किसी तरह खा सकते हैं। साथ में केला व सूखे मेवे खाएं । ब्रेड हमेशा सब्जियों के साथ खाएं। दोपहर के समय खाने मे टमाटर की चटनी शामिल करें। उबले हुए बींस, आलू, कद्दू, व शकरकंद खाएं। सलाद पत्ते में भी भरपूर फाइबर होता है। दाल व चावल भी खा सकते हैं। रात में हल्का ही खाएं। उबले हुए चावल को रसेदार सब्जी के साथ खाएं। पतली खिचड़ी व दलिए में भरपूर फाइबर होता है। फल व दही खाना भी अच्छा रहता है।

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