देहरादून। नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है। ऊर्जा निगम ने जनवरी माह के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) की दरों में वृद्धि कर दी है। इसके तहत उपभोक्ताओं से 10 पैसे से लेकर 43 पैसे प्रति यूनिट तक अतिरिक्त सरचार्ज वसूला जाएगा। बढ़ी हुई दरों के आदेश ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर (कमर्शियल) एनएस बिष्ट की ओर से जारी किए गए हैं।
ऊर्जा निगम के अनुसार, बीपीएल और स्नो बाउंड क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर सबसे कम भार डाला गया है। इन श्रेणियों में उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान करना होगा। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह वृद्धि 28 पैसे प्रति यूनिट तय की गई है, जबकि कमर्शियल श्रेणी में 40 पैसे प्रति यूनिट अधिक चुकाने होंगे। सरकारी संस्थानों पर 38 पैसे और निजी ट्यूबवेल कनेक्शनों पर 12 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
कृषि आधारित कनेक्शनों में भी अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार वृद्धि की गई है। 25 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 17 पैसे, 25 से 75 किलोवाट तक 19 पैसे और 75 किलोवाट से अधिक भार वाले कनेक्शनों पर 20 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त देना होगा। एलटी और एचटी उद्योगों के लिए 38 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। वहीं मिक्सड लोड, रेलवे और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों को 35 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त चुकाने होंगे। निर्माण कार्यों के लिए लिए जाने वाले अस्थायी कनेक्शनों पर सबसे अधिक 43 पैसे प्रति यूनिट का भार पड़ेगा।
गौरतलब है कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच बिजली दरों में केवल तीन बार राहत मिली, जबकि नौ महीनों में बिजली महंगी हुई। दिसंबर और नवंबर में मामूली राहत जरूर दी गई, लेकिन अधिकांश महीनों में एफपीपीसीए के कारण उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ता रहा है।
