विकासनगर। पछवादून क्षेत्र में सूखे नशे की तस्करी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले जहां महिलाएं नशा तस्करी में सक्रिय थीं, वहीं अब तस्कर बच्चों और किशोरों के माध्यम से स्मैक, चरस और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति और बिक्री करा रहे हैं। हाल ही में कुंजाग्रांट क्षेत्र में एक 12 वर्षीय बच्चे के पास से स्मैक बरामद होने के बाद इस गंभीर समस्या ने नया मोड़ ले लिया है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे को खुद यह तक नहीं पता था कि वह क्या लेकर जा रहा है। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी खाला ने उसे यह सामान लाने को कहा था। इससे पहले भी क्षेत्र में बच्चों और किशोरों से नशा तस्करी कराने के मामले सामने आ चुके हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस कई बार कार्रवाई के बजाय नशीले पदार्थों को नष्ट कर मामला रफा-दफा कर देती है।

कुंजाग्रांट क्षेत्र नशा तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। यहां से देहरादून और हरिद्वार तक नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जाती है। अधिकतर सप्लाई सहारनपुर के मिर्जापुर क्षेत्र से होने की बात सामने आई है। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए अपने घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे तक लगा रखे हैं, जिससे पुलिस के पहुंचते ही वे फरार हो जाते हैं।

पुलिस ने क्षेत्र में पैदल गश्त और जागरूकता अभियान चलाए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि नशे की तस्करी पर अब भी प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि हालिया मामले में आरोपी को ट्रेस कर लिया गया है और जल्द ही बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।