पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के वनराजी समुदाय के गांव किमखोला में पारिवारिक विवाद ने भयावह रूप ले लिया, जहां एक युवक की उसके ही परिजनों ने लोहे के पाइप और डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में मृतक के सगे छोटे भाई, दो चचेरे भाइयों और चाची को गिरफ्तार किया है।

मृतक की पहचान कुंदन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कुंदन का अपनी पत्नी रेखा के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। पति की हिंसा से बचने के लिए रेखा पड़ोस में रहने वाली अपनी चाची बसंती देवी के घर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि कुंदन भी हाथ में कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे चाची और उनके परिजनों ने कुंदन पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने लोहे के पाइप और डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, परिजनों को लगा कि वह केवल घायल है, इसलिए उसका शव रातभर आंगन में ही पड़ा रहा।

अगले दिन सुबह जब कुंदन की मौत की पुष्टि हुई, तो आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश में शव को घर से करीब आधा किलोमीटर दूर झिपुखोला गधेरे में दफना दिया।

घटना का खुलासा तब हुआ जब कुंदन की पत्नी रेखा ने जौलजीबी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना कबूल कर ली।

जौलजीबी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां एक मामूली वैवाहिक विवाद ने पूरे परिवार को अपराध के कठघरे में खड़ा कर दिया।