शंखनाद INDIA/ देहरादून

नशा मुक्ति के तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चे नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं| बच्चों में नशे की लत बढ़ना वाकई एक चिंता का विषय है| उत्तराखंड में आज बाल संरक्षण आयोग की तरफ से बच्चों में ‘बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, रोकथाम और पुनर्वास’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया| सीएम तीरथ सिंह रावत भी कार्यशाला में शामिल हुए| इस दौरान सीएम ने बच्चों में बढ़ते नशे की लत पर चिंता जाहिर की| सीएम रावत ने कहा कि हमें नशा समेत तमाम विकृतियों से बचाने के लिए बच्चों को संस्कारवान बनाना होगा। सीएम ने कहा कि संस्कारित बच्चे जीवन के किसी भी क्षेत्र में असफल नहीं होते।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि बच्चे स्कूल से ज्यादा समय अपने घर पर बिताते हैं और बच्चों को संस्कारवान बनाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की है। सीएम ने नशा मुक्ति के लिए कार्यशालाओं के आयोजन के साथ ही जनजागरूकता अभियान को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि हमें नशे की बुराइयों और नशे से हो रहे नुकसान को लेकर बच्चों और लोगों को जागरूक करना होगा जिससे उन्हें नशे के कारण हो रहे नुकसान के बारे में पता चल सके|  सीएम रावत ने कहा कि जागरूकता से हम बड़ी से बड़ी सामाजिक बुराइयों को दूर कर सकते हैं|

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