चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार केदारनाथ मंदिर परिसर में रील्स और वीडियो बानने पर रोक रहेगी। बद्री-केदार मंदिर समिति की ओर से इस बार नई पहल शुरू की गई है। जिससे तीर्थयात्रियों को राहत मिलने के साथ ही यात्रा को भी ग्रीन बनाया जा सकेगा। इसको लेकर बद्री-केदार मंदिर समिति जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है।
केदारनाथ मंदिर परिसर में रील्स बनाने पर रोक
बीकेटीसी के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल ने जानकारी दी कि इस बार केदारनाथ मंदिर परिसर में रील्स बनाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। मंदिर परिसर में रील्स बनाए जाने से भीड़भाड़ का माहौल पैदा हो जाता है, अन्य श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मंदिर परिसर के 30 मीटर दायरे में कोई रील्स नहीं बनाएगा। यदि किसी ने ऐसा किया तो उस पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की तैयारी
चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। इस बार जहां तीर्थयात्रियों को जूट की थैलियों में प्रसाद वितरण किया जाएगा। बीकेटीसी के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि सीएम धामी की पहल पर बीकेटीसी की ओर से इस बार जूट की थैलियों में प्रसाद वितरण किया जाएगा। थपलियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी कपाट बंद होने के बाद छह माह के दौरान कर्मचारी स्वयं ही जूट के बैग भी बना सकेंगे, जिसका प्रशिक्षण उन्हें दिया जा चुका है।
तीर्थयात्रियों को उनकी ही भाषा में जानकारी देने का प्लान
तीर्थयात्रियों को इस बार बद्री-केदार की जानकारी 12 भाषाओं में देने के साथ ही 47 अन्य प्रसिद्ध मंदिरों की जानकारी भी दी जाएगी। इसके साथ ही तीर्थयात्रियों को उनकी ही भाषा में जानकारी देने को लेकर प्लान बना रहा है। साथ ही अन्य 47 मठ-मंदिरों की भी जानकारी भक्तों को मिलेगी। ये कार्य योजना यात्रा शुरू होने से पहले ही धरातल पर नजर आ जाएगी। जिससे देश-विदेश से केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी राहत मिलेगी।