उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद भी आस्था की ज्योत निरंतर प्रज्वलित है। चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार शीतकालीन यात्रा के तहत अब तक 27 हजार से अधिक श्रद्धालु चारधामों के शीतकालीन पूजा स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक श्रद्धालु इन प्रवास स्थलों पर पहुंच रहे हैं।

बाबा केदारनाथ का शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना हुआ है। यहां अब तक करीब 17 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम की शीतकालीन पूजा जोशीमठ के पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर में संपन्न होती है, जहां दोनों स्थलों पर अब तक 6400 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं।

यमुनोत्री धाम की शीतकालीन पूजा खरसाली गांव में आयोजित की जाती है। यहां अब तक 1017 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। वहीं गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा में 3300 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।

प्रदेश सरकार बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है। पर्यटन विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि वे श्रद्धालु, जो ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा में नहीं पहुंच पाते, शीतकाल में प्रवास स्थलों पर दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकें।

पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि 15 जनवरी 2026 तक शीतकालीन यात्रा में 27 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।