टिहरी। पहाड़ में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ने एक बार फिर एक महिला की जान ले ली। जिला अस्पताल बौराड़ी से समय पर रेफर न किए जाने और एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी के कारण नगर पालिका की सफाई कर्मी रेखा देवी की रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
परिजनों के अनुसार, गुरुवार को तबीयत बिगड़ने पर रेखा देवी को जिला अस्पताल बौराड़ी ले जाया गया। हालत गंभीर होने के बावजूद हायर सेंटर रेफर करने में करीब डेढ़ घंटे की देरी कर दी गई। जब एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई, तो वह खस्ताहाल थी। रास्ते में एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया, जिससे रेखा देवी ने दम तोड़ दिया।
शुक्रवार सुबह जैसे ही यह खबर फैली, नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। नगर पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि यह सीधी लापरवाही का मामला है और जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, सीएमओ डॉ. श्याम विजय ने बताया कि रेखा देवी का जिला अस्पताल में हाइपरटेंशन और शुगर का इलाज चल रहा था। 21 जनवरी को उन्हें हायर सेंटर में परामर्श लेने की सलाह दी गई थी। गुरुवार रात को स्थिति गंभीर होने पर उन्हें रेफर किया गया।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है और जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और आपात व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
