देहरादून। उत्तराखंड में जूनियर इंजीनियरों के ग्रेड पे से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से अपनी मांग को लेकर आवाज उठा रहे जूनियर इंजीनियरों को लेकर अब शासन स्तर पर बातचीत शुरू हो गई है। सरकार की ओर से मामले का परीक्षण कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

जूनियर इंजीनियर लंबे समय से अपने ग्रेड पे में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी जिम्मेदारियों और तकनीकी कार्यों को देखते हुए उन्हें उचित वेतनमान और ग्रेड पे मिलना चाहिए। इस मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से समय-समय पर सरकार के सामने अपना पक्ष रखा जाता रहा है।

मामले में अब संबंधित विभाग और शासन स्तर के अधिकारियों के बीच चर्चा शुरू होने से कर्मचारियों को उम्मीद जगी है कि उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि ग्रेड पे से जुड़े विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है और विभागीय स्तर पर जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

जूनियर इंजीनियरों का कहना है कि वे विभागों में तकनीकी कार्यों के साथ विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतनमान दिया जाना जरूरी है।

शासन स्तर पर शुरू हुई चर्चा के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। यदि सरकार की ओर से ग्रेड पे को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो इससे प्रदेशभर में कार्यरत जूनियर इंजीनियरों को लाभ मिल सकता है। फिलहाल इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।