देहरादून। चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड की धामी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। दूसरे नवरात्र के शुभ मुहूर्त पर पांच नए मंत्रियों ने शपथ लेकर सरकार को पूर्ण स्वरूप दे दिया। इस विस्तार के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी टीम को पूरी तरह तैयार कर लिया है।

राज्य के राजनीतिक इतिहास में यह एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब कोई मुख्यमंत्री लगातार दूसरे विधानसभा चुनावों में पार्टी का नेतृत्व करेगा। वर्ष 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी कर पांच साल बाद सरकार बदलने की परंपरा को तोड़ा था। उसी दौरान पुष्कर सिंह धामी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया रिकॉर्ड भी बनाया था।

हालांकि, पिछले चार वर्षों से मंत्रिमंडल में पांच पद खाली रहने के कारण राजनीतिक असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। विपक्ष लगातार इसे मुद्दा बनाता रहा। लेकिन अब चुनावों की घोषणा से लगभग 10 महीने पहले सभी रिक्त पदों को भरकर पार्टी ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह मिशन 2027 के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस विस्तार से यह भी साफ हो गया है कि 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा एक बार फिर पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही मैदान में उतरेगी। यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक स्थिति होगी, जहां कोई मुख्यमंत्री न केवल अपना कार्यकाल पूरा करेगा, बल्कि लगातार दूसरी बार चुनावी कमान भी संभालेगा।