नैनीताल। वर्ष 2021 के चर्चित दीक्षा मिश्रा हत्याकांड में नैनीताल की जिला अदालत ने आरोपी इमरान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने 24 फरवरी को आरोपी को दोषी ठहराया था, जिसके बाद शुक्रवार को सजा सुनाई गई।
मूल रूप से इटावा निवासी दीक्षा मिश्रा ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी थीं और अपनी बेटी व मां के साथ रहती थीं। अभियोजन के अनुसार, गाजियाबाद निवासी इमरान ने अपनी पहचान छिपाकर खुद को ‘ऋषभ तिवारी’ बताया और दीक्षा से दोस्ती की। अगस्त 2021 में जन्मदिन मनाने के बहाने वह दीक्षा को नैनीताल लाया। 16 अगस्त को मल्लीताल स्थित होटल के कमरे में दीक्षा का शव नग्न अवस्था में मिला, जबकि आरोपी फरार था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान होटल के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को अटैची लेकर भागते देखा गया। बाद में पुलिस ने उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया और मृतका का मोबाइल फोन बरामद किया। अभियोजन पक्ष ने 17 गवाह और फॉरेंसिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पेश किए।
मामले में मृतका की 15 वर्षीय बेटी की गवाही अहम साबित हुई। उसने अदालत को बताया कि घटना के बाद आरोपी ने उससे मोबाइल का पासवर्ड मांगा था। जांच में सामने आया कि आरोपी पर भारी कर्ज था और उसने पैसों के लालच में पहचान बदलकर संबंध बनाए थे।
अदालत ने उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता योजना-2013 के तहत मृतका की मां और बेटी को आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं।
